अहमदाबाद विमान हादसे के लिए पायलट को जिम्मेदार ठहराने वाली रिपोर्ट पर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने नाराजगी जताई है। संगठन के अध्यक्ष सीएस रंधावा ने गुरुवार को इस मीडिया रिपोर्ट की आलोचना की। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पिछले महीने अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के विमान के कैप्टन ने जानबूझकर इंजन का ईंधन बंद कर दिया था। कैप्टन रंधावा ने इन दावों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और मीडिया संस्थान के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।
लोगों से शुरुआती रिपोर्ट पर बयान न देने की अपील
कैप्टन रंधावा ने लोगों से एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट पर टिप्पणी न करने का आग्रह किया, क्योंकि इससे हवाई यात्रा के बारे में यात्रियों में भय पैदा हो सकता है। कैप्टन रंधावा ने कहा, “हमने कल एक बयान जारी किया था कि किसी भी चैनल, टिप्पणीकार या किसी भी एजेंसी के अध्यक्ष को ऐसी राय नहीं देनी चाहिए, जिसका कोई आधार न हो। विस्तृत रिपोर्ट में समय लगेगा, तब तक लोग बिना किसी आधार के अपनी राय दे रहे हैं, जो सही नहीं है।”
2019 की घटना का जिक्र किया
कैप्टन रंधावा ने कहा, “न तो रिपोर्ट और न ही नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा है कि यह पायलट की गलती थी। आपको इसे एएनए एनएच985 की घटना से जोड़ना चाहिए, जो 17 जनवरी, 2019 को हुई थी। लैंडिंग के समय, जब पायलट ने थ्रस्ट रिवर्सर्स का उपयोग किया, तो पायलट के ईंधन नियंत्रण स्विच को हिलाए बिना ही दोनों इंजन बंद हो गए। मैं बिल्कुल स्पष्ट हूं कि टीसीएमए (थ्रॉटल कंट्रोल मालफंक्शन एकोमोडेशन) में दोबारा गड़बड़ी हुई है। इसके लिए टीसीएमए की गहन जांच की जरूरत है। बोइंग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है और यह निर्देश जारी करने की भी कोशिश नहीं की है कि इन सभी विमानों की टीसीएमए कार्यों के लिए जांच की जानी चाहिए। दूसरी बात, जांच समिति में एक भी पायलट नहीं है।”






